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इन 8 कारणों से शरीर पर बन सकता है मवाद, जानें इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव
अगर पहले से ही पता हो कि शरीर में किन कारणों से मवाद बनता है तो समसà¥à¤¯à¤¾ से बचा सकता है। साथ ही इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव की जानकारी होनी à¤à¥€ जरूरी है।
शरीर में मवाद (Pus) तब बनता है जब शरीर किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के खिलाफ लड़ रहा होता है। खासकर वह संकà¥à¤°à¤®à¤£ जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण हà¥à¤† हो। मवाद के अंदर नषà¥à¤Ÿ हà¥à¤ˆ कोशिकाà¤à¤‚, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और ऊतक मौजूद होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में मवाद को छूना हानिकारक हो सकता है। बता दें कि मवाद शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में हो सकता है। पीले, हरे और बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ रंग का मवाद कà¤à¥€-कà¤à¥€ बदबू के साथ साथ फोड़े का रूप à¤à¥€ ले लेता है। à¤à¤¸à¥‡ में इससे बचाव जरूरी है। आज हम आपको इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से बताà¤à¤‚गे कि मवाद किन कारणों से बनता है। साथ ही हम लकà¥à¤·à¤£ और बचाव à¤à¥€ जानते हैं।
शरीर में मवाद होने के लकà¥à¤·à¤£ (Pus Symptoms in Hindi)
जब हमारा इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ता है तो शरीर में मवाद बनने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई देते हैं जो मवाद के साथ साथ नजर आते हैं। लकà¥à¤·à¤£ निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार हैं-
1- सिर में दरà¥à¤¦ होना।
2- थकान महसूस करना।
3- बà¥à¤–ार और ठंड लगना।
4- मवाद के आसपास सूजन महसूस करना।
5- तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लालिमा का आ जाना।
6- मवाद से बदबू आना।
7- मवाद से दà¥à¤°à¤µ रिसना।
मवाद यानी पस होने के कारण (Pus Causes in Hindi)
1- धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि जब शरीर के अंदर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ घà¥à¤¸ जाते हैं तो उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ मवाद पैदा कर सकते हैं। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खरोच के कारण हो सकते हैं।
2- इसके अलावा छींक या खांसी की बूंदे जो हवा में धूमती हैं वे जब सांस लेने पर शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं तब à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैल सकता है।
3- इसके अलावा आसपास सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ ना होने पर à¤à¥€ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से होते हैं और विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ को पैदा करते हैं वे ऊतकों को नषà¥à¤Ÿ करते हैं, जिसके कारण मवाद बनता है। आमतौर पर मवाद आगे चलकर फोड़े का रूप ले लेता है। बता दें कि फोड़ा तà¥à¤µà¤šà¤¾ की ऊपरी सतह या अंदर à¤à¥€ बन सकता है। इसके अलावा मवाद के निमà¥à¤¨ कारण हो सकते हैं-
4 - बालतोड़ के कारण मवाद हो सकता है।
5 - कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के कारण मवाद हो सकता है।
6- मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से, दाने, चिकन पॉकà¥à¤¸, सोरायसिस आदि तà¥à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से मवाद हो सकता है।
7- सरà¥à¤œà¤°à¥€ के घाव अगर संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाà¤à¤‚ तब मवाद बन सकता है।
8- किसी दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के कारण लगने वाली चोट में मवाद बन सकता है।
मवाद से खà¥à¤¦ को à¤à¤¸à¥‡ बचाà¤à¤‚ (Prevention of Pus in Hindi)
निमà¥à¤¨ तरीकों को अपनाकर मवाद को कम कर सकते हैं-
1- जब शरीर में मवाद पड़े तो सà¥à¤µà¥€à¤®à¤¿à¤‚ग पूल में ना जाà¤à¤‚।
2- अपने फोड़े को छूने के बाद à¤à¤• बार हाथ को अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚।
3- अपने बिसà¥à¤¤à¤° वाले को किसी के साथ साà¤à¤¾ ना करें।
4- शरीर में अगर दाने, पिंपल या पपड़ी हो जाठतो उसे नाखून के माधà¥à¤¯à¤® से ना खरोचें।
5- तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगे घाव और खरोच को डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ और साफ रखें।
6- अपने रेजर को किसी और के साथ शेयर ना करें। साथ ही दूसरे किसी रेजर का उपयोग करने से बचें।
कà¥à¤› जरूरी बातें
1- धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि सिगरेट, बीड़ी में निकोटिन केमिकल पाया जाता है जो घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ की गति को रोक देता है। à¤à¤¸à¥‡ में धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ ना करें।
2- यदि आप डायबिटीज और हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद से अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करें। वरना इससे घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ की गति धीमी हो सकती है।
3- आप अपनी डाइट में छोटा बदलाव करके à¤à¥€ मवाद जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¤° सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप अपनी डाइट में फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ आदि को जोड़ें। साथ ही विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ को कम ना होने दें।
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